अगर आपके पौधे में बीमे नहीं बन रहे या फल नहीं लग रहे ! जानिए कारण और उपाय
कुछ समय पहले एक मित्र के बागीचे में भ्रमण करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। सेब के पेड़ हरे-भरे और बिल्कुल तंदरुस्त अवस्था में थे। ऐसा लग रहा था मानो एक पेड़ की क्षमता करीब 3 पेटी तक की हो। लेकिन वार्तालाप करने पर पता चला कि कहानी कुछ और ही है।
“मेरे पेड़ काफी बड़े हो चुके हैं, लेकिन न ही बीमा बन रहा है और न फल लगते है” एक दबी सी आवाज़ में उन्होंने अपना दर्द बयाँ किया।
इस प्रकार की शिकायतें अक्सर बागवान भाइयों से सुनने को मिलती हैं। कुछ के पेड़ तो 12 वर्ष से अधिक हो चुके हैं लेकिन अभी तक सैम्पल ही आ रहा है। ऐसी परिस्थिति में एक बागबान का निराश होना स्वाभाविक है। आज हम इस महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा करेंगे और समझने का प्रयास करेंगे कि पेड़ों में आसानी से बीमा कैसे लिया जाए।
सबसे पहले यह जानना आवश्यक है कि बीमा क्यों नहीं बन पा रहा ? सूर्य के प्रकाश से पत्ते भोजन बनाने का कार्य करते हैं। यह भोजन कार्बोहाईड्रेट के रूप में शाखाओं व् फलों द्वारा ग्रहण किया जाता है। दूसरी तरफ मिट्टी से जड़ों द्वारा पोषक तत्व अवशोषित किये जाते हैं जो पौधे के विभिन्न भागों तक पहुँच कर पौधे को पोषित करते हैं। यदि पेड़ में नाइट्रोजन की अधिक मात्रा हुई तो इससे पौधों की वृद्धि दर तो बढ़ेगी लेकिन बीमे बहुत कम बनेंगे। ऐसे पौधों की टहनियां अक्सर खड़ी होती हैं, जिसके परिणामस्वरूप पत्तियों द्वारा बनाया गया भोजन सीधे जड़ों में चला जाता है।
फंडा यह है कि हमें इस भोजन (कार्बोहाईड्रेट) को जड़ों में जाने से रोकना है ताकी बीमें बन पायें।
अब बात आती है कि इस कार्बोहाईड्रेट को जड़ों में जाने से कैसे रोका जाए। छोटे पौधों में तो हम टहनियों की बैंडिंग कर सकते हैं लेकिन बड़े पेड़ों में यह करना मुश्किल है। अतः बड़े पेड़ों के लिए हम एक ऐसी विधि अपनाएंगे जो सस्ती और कारगर हो।
आपका ध्यान Girdling/Ringing की तरफ आकर्षित करना चाहूँगा। इस विधि में पौधों के तने पर आरी से एक रिंग मार दिया जाता है, जिसकी मोटाई 1.0 मिली मीटर से अधिक नहीं होनी चाहिए। यह रिंग तने की छाल पर इस उद्देश्य से मारा जाता है ताकी पत्तियों द्वारा बनाया गया भोजन जड़ों में न जा सके।
जब मैंने यह बात अपने मित्र को बताई तो उसके मन में यह आशंका हुई कि पूरा रिंग मारने से कहीं पौधा ही न मर जाये | लेकिन उनका यह भय व्यर्थ था, क्योंकि यदि कट छोटा हो तो घाव जल्दी भर जाता है। फिर भी यदि मन नहीं मान रहा हो तो 4 से 5 इंच के अन्तराल (Trunk height) पर “C” आकार के दो रिंग एक दुसरे की विपरीत दिशा में मार दें। लेकिन इस प्रकार से Half रिंग में निकाली गयी छाल की चौड़ाई 5 मिली मीटर तक होनी चाहिए।
अब बात आती है कि इस प्रकार के रिंग मारने का उपयुक्त समय क्या है?
फूल खिलने के 15 दिन बाद ही रिंग मारने का समय बिल्कुल उपयुक्त है ताकी अगले वर्ष अच्छी फसल ली जा सके। क्योंकि अगले वर्ष के लिए फूल बनने की प्रक्रिया इसी वर्ष शुरू हो जाती है। Ringing के अलावा यदि हो सके तो पौधों की टहनियों को रस्सियों की सहायता से फैला दें ताकी सूर्य का प्रकाश पौधों के अंदरूनी भाग पर अधिक से अधिक पड़े और प्रचुर मात्रा में भोजन तैयार हो सके।
इस प्रकार के पौधों में नाइट्रोजन की मात्रा कम कर दें और प्रूनिंग भी हल्की ही करें। समय पर उठाये गए सही कदम आपकी बागवानी में चार चाँद लगा देंगे।



