अच्छी सेटिंग के लिए करे ये उपाय:[भाग-1]
आज, जहाँ कोरोना से पूरा विश्व जूझ रहा है और अर्थव्यवस्था भी चरमरा सी गयी है, वही हिमाचल में सेब के बागवानों को भी कोरोना की मार झेलनी पड़ रही है। दूसरी तरफ मौसम की बेरुखी भी स्पष्ट नज़र आ रही है। इस समय अच्छी सेटिंग के लिए मधुमक्खियों का अहम योगदान रहता है। लेकिन ऐसे हालात के चलते बागीचों में समय पर मधुमक्खियों के बक्से पहुँचाना भी आसान नहीं हैं, हालांकि सरकार द्वारा इसके लिए व्यापक प्रयास किये जा रहें हैं। इन विषम परिस्थियों में अच्छी फसल लेना एक चुनौतीपूर्ण कार्य है, लेकिन असंभव नहीं। इसके लिए कुछ तकनीकों को अपनाकर अच्छी फसल ली जा सकती है।
जी हाँ, बात कर रहा हूँ Hand Pollination की।
जिसमें परागकण एकत्रण से लेकर कृत्रिम परागकण करने की विधि पर चर्चा करेंगें। सबसे पहले हमें उपयुक्त परागकण किस्मों का चयन करना होगा और उन किस्मों के पुष्प एकत्रित करने होंगें। एक बात का विशेष ध्यान रखा जाये कि फूल मात्र Balloon अवस्था (चित्रानुसार) में ही एकत्रित किये जाएँ। फिर ध्यान से इनकी पंखुड़ियों को एक छोटी चिमटी की सहायता से अलग किया जाना चाहिए। इसके पश्चात् फूलों में स्थित परागकोष (Anthers) को एक जाली पर रगड़कर अथवा छोटी चिमटी से निकाल कर कागज़ पर इक्कठा कर लें।
इन परागकोष की कागज़ पर एक पतली तह बना कर छाया में सुखा दें। लगभग 48 घंटे बाद परागकोष से परागकण झड़ना शुरू हो जाते हैं। इन्हें एकत्रित कर या तो तुरंत इस्तेमाल किया जा सकता है अथवा काँच की बोतल में डाल कर फ्रिज में कुछ दिनों के लिए रखा जा सकता है। एक बीघा क्षेत्र को कृत्रिम रूप से परागकण हेतु लगभग 20 ग्राम पोलन की आवश्यकता रहती है।
अतः बागवान भाई परागकण एकत्रित करने की प्रक्रिया शुरू करें।




