कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां
बागवान भाइयो, इस पेज पर हम अक्सर सेब की बागवानी के सन्दर्भ में तकनीकी विषयों पर चर्चा करते हैं | लेकिन आज हम एक ऐसे व्यक्ति विशेष के बारे में बात करेंगे जिन्होंने सेब की बागवानी में एक उत्कृष्ट स्थान हासिल किया है | अपनी तकनीक से हैरान कर देने वाला यह शक्श सही माईने में बागवानी के पडिंतो की श्रेणी में आता है | जी हाँ हम बात कर रहे हैं जिला शिमला के कोकुनाला गाँव में रहने वाले बागवान “पंकज नेगी” की |
पंकज नेगी सेब की बागवानी के क्षेत्र में किसी परिचय के मोहताज़ नहीं है | जहाँ आज बड़े बड़े बागवान नई सेब उत्पादन तकनीकियाँ अन्य छोटे बागवानों से छुपा कर रखते हैं, वहीँ दूसरी तरफ पंकज सब कुछ साधारण तरीके से समझाते हैं | बागवानी में प्रूनिंग के गुर सीखने आज भी हर रविवार को इनके बागीचे में बागवानों की भीड़ लगी रहती है | वहीँ पंकज भी उन्हें निराश नहीं करते | बड़े ही सहज तरीके से बागवानों की समस्याओं का निदान करते हैं |
इन्होंने अपने घर में मृदा परिक्षण की एक छोटी से प्रयोगशाला भी लगाई है | जिसमें ये मिट्टी के नमूनों की निशुल्क जाँच करते हैं | सेब की बागवानी में नए आयाम स्थापित करने में इनके योगदान को बिलकुल भी नज़रन्दाज़ नहीं किया जा सकता है | हाल ही में इन्होंने प्रदेश के सेब उत्पादित क्षेत्रों में जगह जगह जाकर प्रूनिंग कैम्प लगाये हैं | सेब की प्रूनिंग के सन्दर्भ में के बारे में बताते हुए पंकज कहते हैं ,
“हमें तो फल लेना है, लकड़ी तैयार नहीं करनी है |”
सूर्य के प्रकाश के दोहन की महता बताते हुए ये सेब के बगीचे में अधिक पैदावार लेने के नुस्खे भी सिखाते हैं | टहनियों को कब और कैसे झुकाया जाये, स्पर कहाँ और कैसे बनाया जाये, इन्ही सब विषयों पर पंकज अन्य बागवानों से अपना अनुभव साँझा करते है |
इसी तर्ज़ पर कुछ और प्रगतिशील बागवान यदि अन्य छोटे बागवानों की तकनीकी रूप से सहायता करें तो वह दिन दूर नहीं जब मेरे प्रदेश के हर बागवान की गिनती एक उन्नत किसान/बागवान के रूप में की जाएगी |



