कैसे बढ़ाए फलो का आकर भाग-2
पिछली पोस्ट में हम फलों के आकार को नियंत्रित करने वालों कारकों के विषय पर चर्चा कर रहे थे | जिसमें, बीमे के पत्तों का आकार और फलों की थिन्निंग के बारे में संक्षिप्त रूप से बताया गया था | आज हम ऐसे ही कुछ और पहलुओं पर नज़र डालेंगे, जिन्हें महत्वपूर्ण होने के बावजूद अक्सर ज्यादा तवज्जो नहीं दी जाती :
पोषक तत्वों की मात्रा : फलों का आकार बनाने में नाइट्रोजन अहम् भूमिका अदा करता है | पर्याप्त मात्रा में दी गयी नाइट्रोजन न केवल फलों का आकार बढ़ाने में सहायक रहती है अपितु पत्तों को भी स्वस्थ रखती है | इस बात का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए कि आवश्यता से अधिक नाइट्रोजन फलों के रंग पर विपरीत प्रभाव डालती है | हम पहले भी इसी बात पर ज़ोर देते आ रहें हैं कि बसंत ऋतु के समय पौधे में भंडारित नाइट्रोजन अधिक लाभप्रद रहती है | अखरोट के दाने के बराबर सेब पर हम 13-00-45 की स्प्रे 1 किलो ग्राम प्रति 200 लीटर पानी में घोल कर सकते हैं | 15 दिनों बाद यदि यह स्प्रे दोहराई जाए तो अत्यंत लाभप्रद सिद्ध होती है |
फल में बीजों की संख्या: फल में बीजों की संख्या न केवल Size अपितु Shape पर भी अपना प्रभाव दिखाती है | यदि पोल्लिनेशन अच्छे न हुई तो बीज कम बनते हैं और फलों का आकार बेढंगा सा बनता है जिसकी मार्केट में अच्छी कीमत नहीं मिल पाती है | फलों का आकार बढ़िया होने के लिए फल में 5-7 बीजों का होना जरुरी रहता है |
पत्तों की संख्या : हम ये तो भली भांति जानते हैं कि पौधे पत्तों के माध्यम से प्रकाश संश्लेषण प्रक्रिया द्वारा अपना भोजन बनाते हैं | अतः सेब के संधर्भ में एक फल को पर्याप्त भोजन देने के लिए 50-60 पत्तों की आवश्यता रहती है | यही कारण है कि जिन पौधों के पत्ते जल्दी गिर जाते हैं, उनमें फलों का आकार नहीं बन पाता |
सूर्य का प्रकाश : जिस शाखा पर सूर्य का प्रकाश पड़ता हो, उसके बीमे मजबूत होते हैं और फलों का आकार व रंग भी छायादार क्षेत्र में लगे फलों की अपेक्षा बढ़िया रहता है |
सिंचाई : फलों के आकार को बनाने में पानी की भूमिका को नज़रन्दाज़ नहीं किया जा सकता | कम पानी के चलते पौधा जीवित तो रह जाता है लेकिन पूरी तरह स्वस्थ नहीं रहता | अतः जिन बागवान भाइयों के पास पानी की व्यवस्था हो तो वह टपक सिंचाई प्रणाली द्वारा पौधों को सिंचित करें |
उपरोक्त छोटी-छोटी लेकिन महत्वपूर्ण, बातों को ध्यान में रखते हुए हम अपने बागीचे में होने वाली फसल से अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं |



