क्या हमारे सेब के पौधे को पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं ?
क्या हमारे सेब के पौधे को पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हो पा रहे हैं या नहीं ? हम मिट्टी में खाद तो भरपूर डाल रहे हैं लेकिन वह पौधों तक पहुँच भी पा रही है अथवा नहीं ? जी हाँ, इस दुविधा को दूर करने के लिए सही समय पर पत्तियों की जांच करवाना आवश्यक है | पत्तियों में पोषक तत्वों की कमी या अधिकता के लक्षण मुख्यतः पतों में ही देखे जा सकते हैं | परन्तु यदि पोषक तत्व सामान्य स्तर से थोड़ा कम या अधिक हो तो ये लक्षण नज़र नहीं आते | इसके लिए पतियों की जांच ही उपयुक्त विकल्प है |
मान लीजिये कि आपने सभी पोषक तत्वों को खाद के माध्यम से मिट्टी में डाला है लेकिन इसकी कोई गारंटी नहीं कि जितना आपने डाला है वो सभी पौधा ग्रहण कर लेगा | यदि मिट्टी में पोटाश की मात्रा अधिक हो जाये तो तो पौधा मैग्नीशियम ग्रहण नहीं कर पायेगा | दूसरी तरफ यदि मिट्टी का pH मान उपयुक्त न हुआ तो भी पोषक तत्व पौधे को उपलब्ध नहीं हो पायेंगे | इस स्थिति में मिट्टी में डाली गयी खादें या तो यूँ ही मिट्टी में पड़ी रहेंगी या फिर रिस कर बहुत नीचे मिट्टी में चली जायेंगी | पत्तियों की जांच के नतीजे बगीचे की परिस्थियों पर भी निर्भर करते हैं | जैसे कौन सी स्प्रे की गयी थी, तौलिये में घास लगा था अथवा नहीं , कितना फल लगा था, सेब में इस्तेमाल किये गए रूटस्टाक इत्यादि |
सेब के पौधे की पत्तियां 15 जुलाई से 15 अगस्त के मध्य जांच हेतु एकत्रित की जाती हैं | इसके लिए टहनी के मध्य भाग के पत्तों को चुनें और विभिन्न पेड़ों से लिए गए 30-50 पत्तों का एक नमूना (Sample) इकट्ठा कर लें | ध्यान रहे पत्ते में कोई भी बीमारी न हो और न ही किसी कीट द्वारा खाए गए हों | इन पत्तों को कागज़ के लिफाफे में एकत्रित कर प्रयोगशाला में भेज दें |
उद्यान विभाग हिमाचल प्रदेश द्वारा पति वर्ष निशुल्क पतियों के विश्लेषण की सुविधा जी जाती है | पत्तियों के नमूने अपने नजदीकी उद्यान अधिकारी के कार्यालय में जमा करवा सकते हैं |
जैसे ही जांच के नतीजे आते हैं तो फोटो में दिए गए टेबल से आप अपने सेब के पौधे में उपलब्ध पोषक तत्वों का विश्लेषण कर सकते हैं | अतः इस वर्ष अपने सेब के बगीचे में पतियों की जांच करवाना न भूलें |



