तुड़ान के बाद पौधे को पोषक तत्व आखिर क्यों ?

तुड़ान के तुरंत बाद पौधे को पोषक तत्वों की आवश्यकता रहती है | चूँकि फलों के विकास के समय पौधे को दिए गए पोषक तत्व फलों द्वारा ख़त्म कर दिए जाते हैं, अतः तुड़ान के उपरांत और पतझड़ के पूर्व का समय पौधे को खुराक देने हेतु काफी नाज़ुक रहता है | इस समय पौधे की जड़ें पोषक तत्वों को बीमे/शाखाओं तक काफी सक्रीय रूप से पहुंचाती है जो कि कार्बोहाईड्रेट के रूप में पौधे में एकत्रित हो जाता है | यह भोजन पौधे को सर्दियों में सुप्तावस्था के दौरान उपलब्ध होता रहता है और आने वाली फसल के लिए भी लाभप्रद सिद्ध होता है | तुड़ान के बाद पौधे को नाइट्रोजन, जिंक, मैग्नीशियम और बोरोन की सबसे अधिक आवशयकता रहती है | अतः इन्हें या तो स्प्रे, या फिर मिट्टी में मिला कर पौधे को उपलब्ध करवा जरुरी है |
आज, महंगाई के दौर में बागवान खाद के सस्ते और बढ़िया स्त्रोत की तलाश में रहते हैं | इसी को मध्येनज़र रखते हुए आज हम पौष्टिक खाद बनाने की एक सरल विधि की चर्चा करेंगे |
एक किल्टा गोबर की गली सड़ी खाद (लगभग 30-35 किलोग्राम) + एक किल्टा केंचुआ खाद + एक किल्टा काली मिट्टी + 10 किलो यूरिया + 1.5-2 किलोग्राम बुझा हुआ चुना लें | एक 6X6 फुट आकार का पौलीथीन शीट का टुकड़ा जमीन पर बिछा कर इसके ऊपर उपरोक्त घटकों को अच्छी तरह मिश्रित कर लें | ध्यान रहे इसमें नमी पर्याप्त मात्र में हो | सभी घटकों को मिश्रित करने के पश्चात् पौलीथीन शीट को चारों कोनों से पकड़ कर एक गठरी जैसी बना कर बंद कर लें ताकि पौलीथीन के अन्दर बनने वाला भाप बाहर न जा सके |
72 घंटों के बाद गांठ को खोलें और जल्दी से पलटा मारें तथा गठरी को फिर से पहले की भांति तुरंत बंद कर दें | इस मिश्रण को आक्सीजन की मौजूदगी में मिलाना चाहिए परन्तु साथ ही यह ध्यान भी रखा जाना चाहिए कि मिश्रण को ज्यादा देर तक खुली हवा में न रखा जाए | जिससे अमोनिया गैस को उड़ने से बचाया जा सके |
फंडा यह है कि जब हम पौधे को नाइट्रोजन देते हैं तो पौधा उसे नाइट्रेट अवस्था में ग्रहण करता है न की अमोनिकल फ़ार्म में | पौलीथीन को इसलिए कस कर बाँध दिया जाता है ताकी अमोनिया गैस नाइट्रेट अवस्था में बदल कर मिश्रण को नाइट्रेट युक्त बना सकें |
अगले 72 घंटे तक पलटन की यह विधि दोबारा अपनाएँ और 3-4 बार तब तक दोहरायें जब तक मिश्रण अमोनिया गैस की गंध से रहित न हो जाए | अतः 12 से 15 दिनों में यह खाद तैयार हो जाएगी | 3 किलोग्राम की दर से इस खाद को 10 वर्ष की आयु से अधिक के 33 पौधों में डाला जा सकता है |
अतः इस वर्ष तुड़ान के पश्चात् पौधों को उचित खुराक देना न भूलें ताकी आप अगले वर्ष अच्छा उत्पाद ले सकें |

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