सेब के लिए कैंसर है कैंकर
कैंसर का नाम सुनते ही दिल पसीज उठता है, बिल्कुल ठीक वैसे ही जैसे एक सेब बागवान का ‘कैंकर का नाम सुनकर’
कैंकर सेब में लगने वाली एक ऐसी बीमारी है जो कुछ ही वर्षों में पूरे बागीचे को तबाह कर देती है।
कैंकर अनेकों प्रकार के होते हैं जो अक्सर पेड़ की छाल, तना व् टहनियों को प्रभावित करते हैं। कैंकर के कीटाणु जख्म के माध्यम से पेड़ में प्रवेश करते हैं और पूरे पेड़ को संक्रमित कर देते हैं। प्रूनिंग के दौरान पेड़ों पर लगाये गए बड़े कट अक्सर कैंकर का कारण बनते हैं। तौलिये में घास आदि होने के कारण नमी की अधिक मात्रा संक्रमण को बढ़ावा देती है। अधिक नमी व् कम तापमान के चलते इसके कीटाणु फैलना शुरू कर देते हैं।
पौधों की टहनियों में कालापन आना, पपड़ी निकलना, धंसे हुए छोटे छोटे भूरे रंग के धब्बे पड़ना, छाल का खुरदरा होना और बाद में पेड़ों की छाल का तने/शाखा से अलग हो जाना विभिन्न प्रकार के कैंकर के लक्षण हैं। फोटो में कैंकर के कुछ लक्षण दिखाए गए हैं।
यद्यपि कैंकर को पूर्ण रूप से बागीचे से ख़त्म करना मुश्किल है, फिर भी कुछ सावधानियां अपनाकर इस बीमारी से बचा जा सकता है :
- पेड़ों को आग के सेंक से बचाएं।
- प्रूनिंग के तुरंत बाद पेड़ों में चौबटिया अथवा बोर्डो पेंट का प्रयोग करें।
- तौलिये के आस-पास अनावश्यक रूप से घास आदि न उगने दें।
- प्रभावित शाखाओं को तेजधार चाकू से छील कर सुखी हुई छाल को निकाल दें। सुखी छाल के साथ साथ कुछ स्वस्थ छाल का हिस्सा भी निकालें। तत्पश्चात छीले हुए भाग पर चौबटिया अथवा बोर्डो पेंट का इस्तेमाल करें। चाकू से छाल निकालते समय पेड़ के नीचे कपड़ा अथवा अख़बार बिछा लें, ताकि कटा हुआ भाग तौलिये की मिट्टी में मिलने के बजाये बिछाए गए अख़बार/कपड़े पर गिरे , जिसे बाद में जला कर नष्ट किया जा सके।
- बागीचे में से बीमारी से ग्रसित सुखी टहनियां निकाल कर नष्ट कर दें। अक्सर देखा गया है कि बागवान भाई सुखी हुई टहनियों को फल लगने के समय दूसरी शाखा के लिए सहारे (Support) के रूप में इस्तेमाल करते हैं , जो सरासर गलत है। इस प्रक्रिया से बागीचे में संक्रमण फैलेगा और दुसरे पेड़ भी इस बीमारी की चपेट में आ जायेंगे।
- तुड़ान के तुरंत बाद पेड़ों पर बोर्डो मिश्रण की स्प्रे करें। इस मिश्रण को बनाने की विधि का विडिओ इसी पेज पर कुछ समय पूर्व डाला गया था।
बागीचे में सफाई का विशेष ध्यान व् इस बीमारी के प्रति सजगता पेड़ों को कैंकर से दूर रख सकती है।
फोटो आभार : संजीव ठाकुर और दयाल सिंह |




