VAM विस्फोटक जड़ विकास को बढ़ावा देता है।
जनवरी से फरवरी के मध्य का समय बागवान भाईयों के लिए सेब, चैरी, नाशपाती, खुमानी, बादाम इत्यादि के पौधों को लगाने का उपयुक्त समय रहता है। इसके लिए मिट्टी का उपजाऊ होना अनिवार्य है। नए पौधे लगाते समय यह अवश्य सुनिश्चित करें कि जड़ों का अच्छे से विकास हो पाए। जड़ें जितनी स्वस्थ रहेंगी, पौधा उतना ही बढ़िया चलेगा। जड़ों के विकास के लिए फोस्फोरस की अहम् भूमिका रहती है। अतः गड्डे में गोबर की गली-सड़ी खाद के साथ फोस्फोरस अवश्य डालें।
नौणी विश्विद्यालय द्वारा किये गए शोध के बाद एक ऐसी दवा विकसित की गयी है जो पौधों के लिए अत्यंत लाभकारी है। इसे PGPR (Plant Growth Promoting Rhizobacteria) का नाम दिया गया है। जिस मिट्टी में नमी हो उसमें इसकी मात्रा 250 मिली लीटर प्रति पौधे के हिसाब से डालें। अन्यथा मिट्टी सुखी होने की स्थिति में 1 लीटर PGPR को 5 लीटर पानी में घोल कर डाल सकते हैं। पौधे को लगाने से पहले भी रात भर इसकी जड़ों को इस घोल (1:5) में डाल कर रखने से जड़ों का अच्छा विकास तो होता ही है, साथ में जड़ सड़न आदि रोगों की भी रोकथाम हो जाती है। विश्विद्यालय में इसकी कीमत 60 रुपया प्रति लीटर की दर से है।
जड़ों के विकास के लिए एक अन्य उपाय है, VAM कल्चर का इस्तेमाल करना। 100 से 150 ग्राम प्रति पौधे की दर से इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। जिस स्थान पर पौधा लगाना है उसी जगह पर VAM कल्चर को इस तरह से डालें कि इसका सीधा संपर्क जड़ों से हो। यह पौधे को फोस्फोरस की उपलब्धता करवाता है। मेरे एक मित्र के अनुभव के आधार पर गोबर व चिकनी मिट्टी (1:1) के अनुपात में मिला कर उसका एक गाढ़ा घोल बना लें और इसमें VAM कल्चर मिला लें। इस मिश्रण में जड़ों को इस तरह डुबोएं ताकि यह मिश्रण जड़ों से चिपक जाये। इसके पश्चात् पौधरोपण करना उनके लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हुआ।
PGPR और VAM की उपलब्धता के लिए निजी कंपनियों के आलावा नौणी विश्वविद्यालय के दूरभाष नंबर 01792-252328 पर संपर्क किया जा सकता है।



