यह गलती न करें सेब के बागवान
आज एक बागवान भाई से दूरभाष पर बात हुई| लेकिन वार्ता कुछ ऐसी हुई कि मुझे यह लेख लिखना पड़ा| उन्होंने एक ऐसी गलती कर दी जिसके लिए वह किसी दुसरे को दोषी मान रहे थे| यह किसी एक व्यक्ति की कहानी नहीं है हम में से बहुत से लोग यह गलती कर बैठते हैं|
आज आधुनिकीकरण के युग में बागवान, इन्टरनेट पर विभिन्न प्रकार की बागवानी संबधी तकनीकों को देख पर उसी चीज़ को हुबहू आजमाने की कोशिश करते हैं| यूरोपियन देशों में M-9 rootstock पर तैयार बगीचों को देख कर उसे अपने बगीचों में प्रतिकृति (replicate) करने का प्रयास करते हैं| कुछ इसमें सफल हो जाते हैं लेकिन अधिकतर बागवान इसमें सफल नहीं हो पाते है और फिर तरह तरह के दोषारोपण किये जाते हैं|
इसमें तनिक भी संदेह नहीं कि वर्तमान में सेब की बागवानी में M-9 rootstock पर तैयार पौधे पर सबसे बढ़िया गुणवत्ता के फल तैयार होते हैं और उपज भी अच्छी मिलती है| लेकिन क्या हमें पता है कि M-9 rootstock पर आधारित पौधों को किन किन चीजों के आवश्यकता रहती है? इस rootstock पर बागवान भाई पौधे तो लगा देतें हैं लेकिन उनकी अच्छे से देखभाल न होने के कारण सफल नहीं हो पाते हैं| आज कुछ ऐसी बातों का जिक्र करूँगा जिन्हें जानने के बाद आपके बगीचे में M-9 rootstock की सफलता की संभावनाएं बढ़ जायेंगी |
एक बात तो अच्छी तरह समझ लेनी चाहिए कि M-9 rootstock सभी के लिए नहीं बना है| यदि आप नीचे दिए गए मापदंडों को पूरा नहीं करते हैं तो आपके लिए M-9 rootstock नहीं बना है:
- क्या आपके पास काफी उपजाऊ मिट्टी है ?
- क्या आपके पास सिंचाई की सुविधा उपलब्ध है ? और आप अपने बागीचे में ड्रिप लगा रहें है ?
- क्या आप हफ्ते में दो बार fertigation कर सकते हैं ?
- क्या आपको सही प्रूनिंग तकनीक के बारे में पता है ?
- क्या आप अपने बागीचे के लिए पर्याप्त समय (हफ्ते में 2 visit) दे पायेंगें ?
- क्या आप पौधों को support structure दे पायेंगे ?
यदि उपरोक्त सभी सवालों के जवाब “हाँ” है, तो आप M-9 rootstock पर आधारित किस्में लगा सकते है अन्यथा आप MM-111, MM-106, M-7 या M-793 का चयन कर सकतें हैं | पुराने बगीचे में नए पौधे लगाने हों तो M-9 लगाने से बचें | अच्छी मिट्टी अथवा सिंचाई की पर्याप्त सुविधा न होने की स्थिति में यदि आप M-9 rootstock पर आधारित पौधे लगाना चाह रहें है तो आपको कठिन परिश्रम करने की आवश्यकता रहेगी | यह बिलकुल उसी तरह होगा जैसे नाव को पानी के बहाव के विपरीत चलाना |
दूसरा पहलु है नर्सरी से पौधे का चयन करना | अक्सर लोग जब featured पौधे लगाते हैं, तो उनकी यह शिकायत रहती है कि पौधा वृद्धि ही नहीं कर रहा है | क्योंकि उसमे बीमे बन जाते हैं | जो लोग whip पौधे लगाते हैं उन्हें यह समस्या नहीं आती | लेकिन यदि वो नर्सरी से whip पौधा छोटा लातें है तो उन्हें उसकी वृद्धि के लिए विशेष ध्यान देने की जरुरत होती है | छोटे पौधे में ग्रोथ लेने के लिए, पौधे को शुरूआती cut मारते समय बागवान भाई कुछ गलतियाँ कर बैठतें हैं | Head Back टॉप पर कर लेते हैं अथवा बीमे पर कट मार लेते हैं; फलस्वरूप पौधे की ग्रोथ वहीँ रुक जाती है | Active bud पर DEEP Cut तकनीक से आप छोटे पौधों में अच्छी ग्रोथ ले सकते हैं | ऐसे पौधों को शुरूआती साल में अधिक नाइट्रोजन की भी आवश्यकता रहती है |
अतः यदि इन छोटी छोटी बातों तो ध्यान में रखा जाए तो बागीचे को एक सफल स्वरुप प्रदान कर अच्छी आय अर्जित की जा सकती है |




